कंप्यूटर फैकल्टी एसोसिएशन पंजाब द्वारा एक ऑनलाइन मीटिंग पंजाब अध्यक्ष प्रदीप सिंह मलूका और महासचिव गुरदीप सिंह बैंस की अध्यक्षता में की गई लॉक डाउन के कारण कंप्यूटर अध्यापकों को आ रही समस्याओं पर विचार विमर्श करते हुए राज्य सरकार और शिक्षा विभाग धारा राज्य के सरकारी स्कूलों में सेवा निभा रहे कंप्यूटर अध्यापकों से किए जा रहे भेदभाव की कड़े शब्दों में निंदा की गई अध्यक्ष प्रदीप मलूका एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरवीर सिंह सानीपुर ने कहा कि यहां एक तरफ राज्य के बाकी कर्मचारियों को सरकार द्वारा समय पर वेतन जारी कर दिया गया है वही कंप्यूटर अध्यापकों को अभी तक वेतन से वंचित रखा है उनके वेतन स्कूल के बाकी स्टाफ के साथ लोकल खजाने में से जारी ना होकर हेड ऑफिस से जिला शिक्षा अधिकारी के खाते में जारी होता है और उनके द्वारा स्कूल अकाउंट में यह वेतन जारी किया जाता है अब जब करो ना जैसी भयानक शारीरिक महामारी के कारण लॉक डाउन चल रहा है तो वेतन हेड ऑफिस जा जिला स्तर से सीधे ही कंप्यूटर अध्यापक के खाते में ट्रांसफर किया जा सकता था बहुत से स्कूल प्रमुख 31 मार्च को रिटायर हो गए हैं जिस सबंध में विभाग को लिखत पत्र भेजकर अवगत करवाया गया था परंतु विभाग द्वारा एक बार फिर कंप्यूटर अध्यापकों के वेतन स्कूल के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं जिसके चलते राज्य में कर्फ्यू के दौरान स्कूल बंद होने के चलते अध्यापकों को वेतन खातों में ट्रांसफर करवाने में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है पिछले 15 वर्षों से अपनी सेवाएं निभा रहे लगभग 7000 कंप्यूटर अध्यापक ऐसे कर्मचारी हैं जिनको राज्य सरकार द्वारा 2011 से बैच वाइज रेगुलर तो कर दिया गया परंतु उनके बाकी कर्मचारी की तरह पंजाब सिविल सर्विस नियमों अनुसार बनते अधिकार बहाल नहीं किए गए
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